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जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की उदासीनता पर सवाल : कागजी दावों के बीच बदहाल सड़कों पर दम तोड़ रहा सारंगढ़ का विकास !

BySamip Anant

Oct 31, 2026
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सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और संबंधित विभागों की कार्यशैली इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। सारंगढ़ शहर की मुख्य सड़कें आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन और जिम्मेदार महकमों के नुमाइंदों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। भारत माता चौक से लेकर गढ़ चौक तक का हिस्सा पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जहाँ जगह-जगह हुए गहरे गड्ढे और बिखरा मलबा जनता के लिए मुसीबत बन गए हैं।


जिले के बड़े अधिकारियों की आवाजाही, फिर भी क्यों खामोश है प्रशासन ?

सबसे बड़ा विडंबना यह है कि इसी खस्ताहाल और कीचड़ से भरी सड़क से रोजाना जिले के आला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक (SP) तक की गाड़ियां गुजरती हैं। इसके बावजूद, जिला प्रशासन की नींद क्यों नहीं खुल रही? क्या जिम्मेदार विभागों को किसी बड़े सड़क हादसे का इंतजार है? प्रशासनिक अमले की यह खामोशी शहरवासियों में भारी आक्रोश पैदा कर रही है, और लोग खुलकर पूछने लगे हैं कि आखिर जनता की इन समस्याओं के प्रति प्रशासन इतना संवेदनहीन क्यों है? शिकायतों के बाद भी सिर्फ कागजी आश्वासन का खेल शिकायतें चाहे सीएम हेल्पलाईन पर दर्ज कराई गई हों या जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई गई हों, धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। नगर पालिका परिषद के सीएमओ सूरज सिदार द्वारा 2.5 करोड़ रुपये के टेंडर और जल्द काम शुरू होने के रटे-रटाए दावे दिए जा रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब तक नए निर्माण कार्य शुरू नहीं होते, तब तक क्या जनता इन गड्ढों में गिरकर अपनी हड्डियां तुड़वाती रहे? पैचवर्क और मलबे की लीपापोती करके जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।


सारंगढ़ की फजीहत के लिए जिम्मेदार कौन ?


सड़कों की इस बदहाली के कारण पूरे सारंगढ़ जिले की फजीहत हो रही है, जिससे शहर की छवि धूमिल पड़ रही है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की इस उदासीनता ने साबित कर दिया है कि उन्हें आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस खबर के बाद अपनी कुंभकर्णी नींद से जागता है और सड़कों की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम उठाता है, या फिर जनता यूं ही बदहाली के साये में जीने को मजबूर रहेगी।

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