बलौदाबाजार|| छत्तीसगढ़ —
संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से संचालित “अन्नपूर्णा मुहिम” के तहत ग्राम- रसौटा, तहसील- पलारी, जिला – बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़ के दो अनाथ भाई-बहन उषा सोनवानी (15 वर्ष) और विश्वाश सोनवानी (10 वर्ष) को जीवनयापन हेतु राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई।

👧 बच्चे की स्थिति
उषा सोनवानी (15 वर्ष): पिता धर्मदास सोनवानी की संतान, 5वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पोलियो से एक हाथ अपंग है।
विश्वाश सोनवानी (10 वर्ष): वर्तमान में 5वीं कक्षा में अध्ययनरत।
👨👩👧👦 पारिवारिक पृष्ठभूमि
माँ की मृत्यु 5 वर्ष पूर्व साँप के काटने से हुई।
पिता का निधन 5 माह पहले हृदयघात से हुआ।
परिवार में अब केवल यही दो भाई-बहन शेष हैं।
बड़ी बहन ने मात्र 2 माह अपने पास रखा, फिर पारिवारिक नोकझोंक के चलते वापस भेज दिया।
न जमीन, न पशुधन, न बैंक बैलेंस।
केवल राशनकार्ड से 35 किलो चावल मिलता है।
घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है।
बिजली बिल न पटाने के कारण सुविधा बंद थी, जिसे पुनः चालू कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
🛍️ प्रथम बार दी गई सहायता
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत निम्न सामग्री बच्चों को प्रदान की गई:
राशन सामग्री की किट के साथ – साथ 1 स्टैंड पंखा, डिस्टेंशन बोर्ड, 2 थाली, 2 ग्लास, 1 डेचकी, 1 चाय छन्नी, 2-2 जोड़ी कपड़े, 1 मच्छरदानी, 2 बेडशीट, 2 बल्ब, 3 बड़े व 3 छोटे डिब्बे, तवा, स्कूल बैग, पानी की बोतल, 3 कॉपी, 2 पेन
✨ इस सहायता से दोनों बच्चों को न केवल भोजन और शिक्षा की सामग्री मिली बल्कि घरेलू जरूरत की बुनियादी सुविधाएँ भी सुनिश्चित की गईं।
“अन्नपूर्णा मुहिम” का उद्देश्य है — “कोई भूखा न सोए, कोई असहाय बेसहारा न रहे।”
साथ ही, उन्हें आजीवन सहयोग हेतु स्थायी संपर्क कार्ड दिया गया ताकि भविष्य में किसी भी जरूरत पर तुरंत सहायता मिल सके। निर्देश भी दिए गए कि अन्नपूर्णा मुहिम की लाभ के लिए किसी भी प्रकार के नशा व मांस का सेवन ना करें।
इस पुनीत कार्य में संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयाई मोहन पटेल, अदालत मानिकपुरी, दीनदयाल पटेल, बली राम साहू, मनोहर साहू, लखन देवांगन, हेमनारायण पटेल (सचिव), सेवक राम पटेल, तथा शेष नारायण घृतलहरे(पंच) , मनोहर चेलक व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
