• Thu. Apr 30th, 2026

अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र में 11 सूत्री मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे मजदूर कंपनी पर लगाए कई गंभीर आरोप जाने क्या है मामला

Samip Anant

BySamip Anant

Dec 12, 2023
Share this

बलौदा-बाजार :- जिले के समीप में ही लगा हुआ 4 किलोमीटर की दूरी पर रवान अंबुजा सीमेंट प्लांट जहां पर लगातार श्रमिकों के द्वारा नाराजगी दिखाई दे रही है और कुछ दिवस पहले ही श्रमिकों के द्वारा प्रशासन को आवेदन के रूप में यह कहा गया था कि उनकी जो मांगे हैं वह पूरी होनी चाहिए नहीं तो वह अंबुजा सीमेंट संयंत्र में हड़ताल प्रारंभ कर देंगे और नतिजा यही हुआ कि सोमवार को सुबह 6 बजे छत्तीसगढ़ सीमेंट एंड खदान एंप्लाइज यूनियन (इंटक) रायपुर पंजीयन क्रमांक 85 (इंडियन नेशनल सीमेंट वर्क्स फेडरेशन से संबंध) रखने वाले लोगों के द्वारा आज अंबुजा सीमेंट संयंत्र के गेट के बाहर ही 60 से 80 मजदूर गेट के बाहर तथा अंदर जो साइड में काम चलता है उसके पास भी लगभग 200 से 300 श्रमिकों के द्वारा हड़ताल प्रारंभ किया गया.

यूनियन के लोगों ने बताया कि संस्थान में कार्यरत ठेका श्रमिक ए-पूल, बी-पुल तथा रेगुलर कर्मचारियों के मांगों को संबंध में यूनियन के माध्यम से अनेकों बार लिखित आवेदन देकर संस्थान को सौहाद्रपूर्ण वातावरण बनाने हेतु सहयोग मिलने के लिए आग्रह किया गया था श्रमिकों की मांगों के संबंध में रायपुर स्थित सहायक श्रम आयुक्त के कार्यकाल में त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन किया गया था किंतु असहयोग रवैया के कारण इसमें कोई समाधान नहीं निकल सका अनेकों त्रिपक्षी बैठकों में भी संयंत्र के द्वारा कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ जिन कारण से आज इंटक यूनियन के लोग समय-समय पर प्रताड़ित जैसा महसूस कर रहे हैं और नौकरी से निकाल देने जाने के भी सामने आई जिसके आवेश में यह हड़ताल जारी हुआ और उन लोगों की 11 सूत्रीय मांगे हैं जिनमें

सीमेंट संयंत्र के लोगों के द्वारा अमानवीय चेहरा आया सामने

श्रमिकों के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार सीमेंट संयंत्र में कार्यरत एक मजदूर जो चाय के समय पर कैंटीन गया हुआ था चाय पीने जहां पर वह मोबाइल साथ में रखा होगा करके सीमेंट संयंत्र के गार्ड अब्बास खान के साथ तीन चार व्यक्ति साथ में आए और जबरदस्ती मोबाइल रखे हो कि शक पर कपड़ा उतारे और उनके गुप्तांग अंग पर जानबूझकर छेड़खानी जैसा कृत किए जबकि काम के समय गेट के अंदर आने पर गार्ड के द्वारा जांच पड़ताल की जाती है उसके बाद ही कोई मजदूर सीमेंट संयंत्र में प्रवेश करता है मगर यहां पर उल्टी ही गंगा बही और अभी मजदूर की हालत देखने लायक है क्योंकि वहां दर्द से कराह रहा था और आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसका इलाज अभी तक जारी है