• Sat. Oct 24th, 2026

SBN24

NEWS

बच्चों के टेबल-बेंच पर चला गैस कटर, छुट्टी के दिन स्कूल परिसर में चल रही थी कटाई-लोडिंग

BySamip Anant

Sep 7, 2026
Share this

जन्माष्टमी की छुट्टी में स्कूल परिसर में कट रहे थे टेबल-बेंच, पिकअप में लोडिंग का वीडियो वायरल

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- जिले के ग्राम पहंदा स्थित शासकीय आदर्श हाई स्कूल में जन्माष्टमी की छुट्टी के दिन सरकारी स्कूल के फर्नीचर को गैस कटर से काटे जाने और पिकअप वाहन में लोड किए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्ति के रख-रखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय में अवकाश था। इसी दौरान स्कूल परिसर में गैस कटर से बच्चों के बैठने के लिए उपयोग किए जाने वाले टेबल-बेंच को काटा जा रहा था। आरोप है कि कटे हुए सामान को पिकअप वाहन में लोड कर कहीं ले जाने की तैयारी की जा रही थी। मौके पर प्रभारी प्राचार्य खेमलाल साहू एवं शिक्षक जगेश्वर पटेल की मौजूदगी का भी दावा किया जा रहा है।



कंडम घोषित करने की प्रक्रिया पर सवाल

सरकारी स्कूल की संपत्ति को अनुपयोगी या कंडम घोषित करने के लिए नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया, मूल्यांकन और आवश्यक अनुमति की जरूरत होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उक्त टेबल-बेंच को बाकायदा कंडम घोषित किया गया था? क्या शिक्षा विभाग से इन्हें नीलाम अथवा हटाने की लिखित अनुमति ली गई थी? यदि अनुमति ली गई थी तो उसका आदेश और पंचनामा कहां है?



छुट्टी के दिन ही क्यों हुई कार्रवाई?

मामले का सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि यदि फर्नीचर को हटाने की कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही थी, तो विद्यालय बंद रहने के दिन ही गैस कटर से टेबल-बेंच काटने और पिकअप में लोड करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।

जांच के बाद सामने आएगा सच

मामले में अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की जा रही है कि विद्यालय की सरकारी संपत्ति को काटने एवं ले जाने की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। संबंधित अनुमति, स्टॉक रजिस्टर, कंडम प्रक्रिया, पंचनामा, मूल्यांकन एवं वाहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि नियमों का उल्लंघन अथवा सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग इस मामले में जांच कर क्या कार्रवाई करता है और सरकारी फर्नीचर को काटकर ले जाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *