• Thu. Jan 15th, 2026

अवैध सागौन लकड़ी पर वन विभाग का कड़ा प्रहार, सर्च वारंट के साथ जम्हर में छापेमारी

Chandrakant Sahu

ByChandrakant Sahu

Jan 13, 2026
Share this

पिथौरा वन परिक्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
सर्च वारंट के जरिए ग्राम जम्हर में अवैध सागौन लकड़ी जब्त
10 नग इमारती सागौन गोला, बल्ली व चिरान बरामद, वन अपराध प्रकरण दर्ज


पिथौरा | 13 जनवरी 2026
पिथौरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम जम्हर (खम्हार पारा) में अवैध रूप से संग्रहित सागौन लकड़ी के विरुद्ध वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) श्री सालिकराम डडसेना के नेतृत्व में आज सुबह प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर की गई छापेमारी में मौके से 10 नग कीमती इमारती सागौन (साग) गोला, साथ ही सागौन की बल्ली एवं चिरान जब्त की गई।


वन विभाग को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम जम्हर निवासी श्री सीताराम चौधरी, पिता – श्री गणेश राम चौधरी द्वारा अपने निवास/परिसर में अवैध रूप से सागौन लकड़ी का भंडारण किया गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग द्वारा तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए नियमानुसार सर्च वारंट प्राप्त किया गया।
आज सुबह रेंजर श्री सालिकराम डडसेना के निर्देशन में वन अमले द्वारा संबंधित स्थल पर दबिश दी गई। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में सागौन लकड़ी पाई गई, जिसके संबंध में वैध अनुमति पत्र, ट्रांजिट पास अथवा अन्य कोई वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके पश्चात मौके पर ही पंचनामा तैयार कर लकड़ी को विधिवत जप्त किया गया।
जप्त की गई सागौन लकड़ी को पिथौरा वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया है तथा मामले में भारतीय वन अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ राज्य वन नियमों के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की जांच प्रारंभ कर दी गई है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि उक्त सागौन लकड़ी की कटाई कहां से की गई तथा इसमें और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।
उल्लेखनीय है कि सागौन वृक्ष वन अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित एवं बहुमूल्य प्रजाति है। इसकी अवैध कटाई, भंडारण एवं परिवहन न केवल वन संपदा को क्षति पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण संतुलन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री सालिकराम डडसेना ने बताया कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध कटान, भंडारण या तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार की सघन जांच एवं अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
वन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है तथा ग्रामीण स्तर पर भी वन कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।