वनों की रक्षा से मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा : सत्येंद्र कुमार कश्यप (सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी रामभाठा)


होली मिलन समारोह ललितपुर में वन परिक्षेत्र पिथौरा एवं वन परिक्षेत्र बसना के संयुक्त तत्वाधान में किया गया ,जहां अद्भुत नजारा देखने को मिला जिसमें बसना वन परिक्षेत्र अधिकारी और उनके विभाग द्वारा पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया और पर्यावरण के सुरक्षा के प्रति लोगों को अपना कर्तव्य और अधिकार की जानकारी देते हुए रक्षा के उपाय भी बताये गए। इस होली मिलन समारोह का मुख्य थीम नो फायर था जिसके अंतर्गत मुख्य रूप से जंगल में आग लग जाने के कारण , उससे उत्पन्न समस्या और आग रोकने के उपाय को प्राथमिकता के साथ चर्चा किया गया।वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला द्वारा ग्लोबल वार्मिंग को भी ग्रामीणों को बहुत ही सरल तरीके से समझाया गया और कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से पृथ्वी के बढ़ते तापमान और सूर्य से आने वाली हानिकारक विकिरणों से एक मात्रा सुरक्षा पर्यावरण की रक्षा करना है ।इसको जोर देते हुए वृक्ष रोपण के लिए जागरूक भी जागरूक किया गया और इस वर्ष 22000 वृक्षा रोपण का वादा भी किया गया। वृक्ष रोपण से जल स्तर बढ़ता है , मृदा क्षरण रुकता है , कार्बन डाई ऑक्साइड घटता है , और ग्रीन हाउस प्रभाव का खतरा कम होता है इन सब बातों को चर्चा करते हुए जंगल की रक्षा के उपदेश दिए । वही सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी सत्येंद्र कुमार कश्यप ने बताया कि जंगल की रक्षा करने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और हर वृक्ष को अपने पुत्र की तरह समझ कर उसका सुरक्षा करना है , जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा और पानी मिल सके , और ग्रामीणों को बताया कि वनों की रक्षा नहीं किया गया तो किस प्रकार से भविष्य में आने पीढ़ी को कैसे समस्या आ सकती है , शुद्ध हवा और पानी की कमी से पृथ्वी संकट में आ सकती है , इसलिए इसकी रक्षा और सुरक्षा हमारा महत्वपूर्ण कर्तव्य है ।
इस होली मिलन समारोह का मुख्य उद्देश्य जंगल को आग से बचाना और पर्यावरण की रक्षा करना था इसके लिए वन विभाग सभी अधिकारी और कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों द्वारा रक्षा का शपथ भी लिया गया।
इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला द्वारा सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी सत्येंद्र कुमार कश्यप और सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी ठाकुर राम पटेल को दो ब्लोअर भी दिया गया।
होली मिलन के इस समारोह में वन परिक्षेत्र अधिकारी बसना सुखराम निराला सहित , सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी रामभाठा, सहायक वन अधिकारी सजापली, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी बसना, परिसर रक्षी रामभाठा, परिसर रक्षी रंगमटीया, परिसर रक्षी बिजराभाठा, सरपंच ललितपुर , सहित वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष और कई गांव के व्यक्ति शामिल थे।







