• Wed. Apr 22nd, 2026

पदोन्नति में अब टीईटी अनिवार्य सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सारंगढ़-बिलाईगढ़ के शिक्षकों में हलचल

Samip Anant

BySamip Anant

Feb 12, 2026
Share this

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने शिक्षा जगत में बड़ा बदलाव ला दिया है। अब शिक्षकों की पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इस निर्णय के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले सहित पूरे प्रदेश के शिक्षकों में हलचल और चिंता का माहौल बन गया है। न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के अनुसार, जब तक शिक्षक टीईटी परीक्षा पास नहीं करेंगे, तब तक उन्हें उच्च पद पर पदोन्नत नहीं किया जाएगा। इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं कई शिक्षक इसे चुनौतीपूर्ण मानते हुए आगामी परीक्षा की तैयारी में जुटने की बात कह रहे हैं।


जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह आदेश सभी संबंधित शिक्षकों पर समान रूप से लागू होगा। अब वे शिक्षक जो वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन्हें पहले पात्रता परीक्षा की कसौटी पर खरा उतरना होगा। इससे विभागीय प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि टीईटी की अनिवार्यता से विद्यालयों में शिक्षण स्तर और अधिक मजबूत होगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा। हालांकि, कुछ शिक्षकों ने मांग की है कि सरकार तैयारी के लिए पर्याप्त समय और मार्गदर्शन उपलब्ध कराए, ताकि कोई भी योग्य शिक्षक अवसर से वंचित न रह जाए।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। फिलहाल शिक्षकों के बीच एक ही चर्चा है—अब प्रमोशन का रास्ता टीईटी से होकर ही गुजरेगा। शिक्षा व्यवस्था में यह बड़ा परिवर्तन आने वाले समय में दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। अब देखना होगा कि शिक्षक इस नई अनिवार्यता को किस तरह स्वीकार करते हुए खुद को नई परीक्षा के लिए तैयार करते