• Fri. Apr 24th, 2026

स्वतंत्रता दिवस पर गौरव का पल – प्रधान आरक्षक भुवनेश्वर पंडा को मिला सम्मान

Samip Anant

BySamip Anant

Aug 16, 2025
Share this

सारंगढ़ बिलाईगढ़ :- 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस का दिन हर भारतीय के लिए गर्व, उत्साह और बलिदान की यादें लेकर आता है। इस वर्ष सारंगढ़ के खेलभाठा मैदान में जिला स्तरीय मुख्य समारोह अद्भुत गरिमा और देशभक्ति के रंग में आयोजित हुआ। तिरंगे की शान लहराते हुए पूरे मैदान में देशभक्ति गीतों की गूंज थी। स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए जब राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, तो हजारों की भीड़ ने तालियों और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान कर दिया।इसी गरिमामयी समारोह के बीच जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग के उन वीर सिपाहियों को सम्मानित किया जिन्होंने अपने कार्यों से न केवल विभाग बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।

इन्हीं में एक नाम है – प्रधान आरक्षक भुवनेश्वर पंडा।भुवनेश्वर पंडा को अपराध विवेचना (Crime Investigation) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। अपराध की गुत्थियों को सुलझाने में उनकी सतर्कता, दूरदृष्टि और कर्मठता ने उन्हें पुलिस बल में एक अलग पहचान दिलाई है। कई जटिल मामलों को उन्होंने अपनी लगन और कर्तव्यनिष्ठा से सुलझाकर साबित किया है कि अगर इच्छाशक्ति और ईमानदारी हो तो कोई चुनौती असंभव नहीं।इस सम्मान के बाद बरमकेला थाना और सरिया थाना में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई। साथी पुलिस कर्मियों ने इसे पूरी टीम की जीत बताया और कहा कि भुवनेश्वर पंडा का यह सम्मान हर जवान के मनोबल को दोगुना करेगा।स्थानीय लोगों ने भी इस पुरस्कार का स्वागत करते हुए कहा कि जब ईमानदार और मेहनती पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहन मिलता है तो जनता का विश्वास और मजबूत होता है। अपराधियों के लिए यह चेतावनी है कि कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं, और आम नागरिकों के लिए यह भरोसे का संदेश है कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी निष्ठा से तैनात है।कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भुवनेश्वर पंडा को बधाई देते हुए

कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल की मेहनत और समर्पण की पहचान है। स्वतंत्रता दिवस जैसे पावन अवसर पर मिला यह पुरस्कार इतिहास में दर्ज होगा और आने वाले समय में नए पुलिसकर्मियों को भी प्रेरित करेगा। अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रधान आरक्षक भुवनेश्वर पंडा का सम्मान वास्तव में कर्तव्य, निष्ठा और ईमानदारी की जीत है। स्वतंत्रता दिवस के मंच से मिला यह गौरवपूर्ण क्षण न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे जिले के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है – “कर्तव्य ही सच्ची देशभक्ति है।”