रायगढ़:- प्रदेश भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी द्वारा सोशल मीडिया मे नोटो के बंडल के सामने बैठे चंद्रपुर के कांग्रेस विधायक रामकुमार का विडियो वायरल करने के बाद सूबे के मुखिया भूपेश बघेल एवम ओपी चौधरी के मध्य जुबानी जंग तेज हो गई।विडियो वायरल करने के बाद ओपी ने भूपेश सरकार से पूछा उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने वाली सरकार इस मामले में कोई कार्यवाही करने की हिम्मत दिखायेगी? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सफाई देते हुए कहा कि इस मामले में किसी ने लेन देन का आरोप की शिकायत नहीं की है। ओपी के तीखे हमलों से बौखलाई सरकार इस मुद्दे में बचाव की मुद्रा में भी नजर आई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओपी चौधरी को रामकुमार यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने की नसीहत देते हुए कहा रामकुमार के खिलाफ चुनाव लड़ कर देख ले ओपी चौधरी को आटे दाल का भाव मालूम चल जायेगा। भूपेश बघेल का बयान आने के बाद ओपी चौधरी ने बड़ी ही शालीनता से भूपेश बघेल की चुनौती को आशीर्वाद बताकर उनके खिलाफ ही चुनाव लड़ने का बयान दिया। ओपी के इस बयान के बाद प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई।दोनो के मध्य तीखी बयान बाजी तेज हो गई। यह बताना लाजिमी होगा कि बतौर विपक्ष सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलने वाले भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी भूपेश सरकार के लिए अच्छे खासे सर दर्द बन गए है। ओपी चौधरी लगातार भूपेश सरकार की वादाखिलाफी, सरकारी सरक्षण में चल रही माफियागिरी, सरकारी तंत्र में चल रही लूट खसोट,परीक्षाओं एवम भर्ती में चली गड़बड़ियों को प्रदेश वासियों के सामने पूरी शिद्दत के साथ उजागर किया है । सरकार के खिलाफ तीखे बयान बाजी धरना, आंदोलनों घेराव का नतीजा है कि भाजपा भूपेश सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी भ्रष्टाचार का नेरेटीव स्थापित करने में कामयाब रही है। भूपेश सरकार की नाक मे दम करने वाले ओपी चौधरी द्वारा कोयला चोरी का विडियो जारी करने पर भूपेश सरकार के इशारे पर गैर जमानती धाराओं के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया। ओपी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध होते ही प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई प्रदेश की कोने कोने में धरना प्रदर्शन किया गया।
