• Thu. Apr 23rd, 2026

सीपत थाने में ब्लैकमेलिंग का खेल जोरो पर : कार्रवाई का डर दिखाकर पुलिसकर्मियों ने लूटी रकम..

Samip Anant

BySamip Anant

Oct 8, 2025
Share this

ऑनलाइन सबूत पेश कर व्यापारी ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार, जांच जारी!

बिलासपुर :- सीपत थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक स्थानीय व्यापारी ने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी पर 185 की कार्रवाई की धमकी देकर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। व्यापारी ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपी है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्राम सीपत निवासी अविनाश सिंह ठाकुर, जो नवाडीह चौक में किराना दुकान संचालित करते हैं, उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि दिनांक 5 अक्टूबर 2025, रविवार को वे अपने साथी रवि कश्यप के साथ किसी कार्य से सीपत थाने गए थे। वे अपनी बुलेट बाइक क्रमांक सीजी 04 के ऐक़्स 3880 से थाने पहुंचे थे। शिकायत के अनुसार थाने में थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और आरक्षक उनके पास आए और धारा 185 की कार्रवाई करने की बात कहकर 50 हजार रुपए की मांग की। कार्रवाई के डर से उन्होंने थाने के ही प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश्वर कश्यप के बैंक खाते में 24 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। उन्होंने इस भुगतान की बैंक रसीद भी आवेदन के साथ सौंपी है। अविनाश सिंह का आरोप है कि रकम देने के बाद उनका वाहन और उन्हें छोड़ दिया गया तथा बताया गया कि उनके खिलाफ धारा 185 के तहत चालानी कार्रवाई की गई है, जबकि उनके साथी रवि कश्यप पर धारा 36(च) की कार्रवाई की गई। हालांकि व्यापारी का कहना है कि उसी दिन रात करीब 10 बजे, सीपत के सुमित मेडिकल स्टोर के पास से पुलिस ने उनकी बाइक को फिर से जब्त कर थाने ले जाया गया और मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई बताई गई। अविनाश सिंह ठाकुर ने अपने आवेदन में लिखा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाया और धन वसूला, जो थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और एएसआई सहेत्तर कुर्रे की मिलीभगत से किया गया प्रतीत होता है। उन्होंने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रजनेश सिंह

सीपत निवासी व्यापारी अविनाश ठाकुर से मामले की शिकायत कॉपी प्राप्त हुई है, जिसमें ऑनलाइन भुगतान होने के ठोस सबूत है। मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।