कोसीर – महानता का अर्थ – बिना किसी स्वार्थ के लोगे के काम आना ठीक उसी प्रकार गणेश निषाद को जैसे ही अपने रेगुलर ग्राहक को खून की कमी और उन्हें ओ पोजेटिव खून चाहिए के पता चला गणेश ने बिना कुछ सोचे श्रवण सोमवार के प्रथम दिन श्री भोले नाथ को मत्था टेक रक्तदान करने चल पड़ा,
और जैसे ही उनके नशों में निडिल की नोक गयी उनके मुह से एक आवाज बार बार निकलने लगा हे भोलेनाथ मेरी नशों से निकले एक एक बूंद रक्त से उनके एक एक साल बडा दे कुछ ऐसा चमत्कार कर की आज के बाद उन्हें कभी भी कोई समस्या ना हो मेरा रक्त उंसके लिए अमृत का काम करे ऐसा कहते हुए गणेश निषाद में हस्ते हुए प्रथम बार रक्त दान किया और कहने लगा कि जब भी मेरे किसी ग्राहक को रक्त या और किसी प्रकार की मुझसे सहायता चाहिए होगी मैं एक पैर में खड़ा रहूंगा और हर संभव सहयोग करने प्रयास करूंगा!!
श्री गणेश वस्त्रालय कोसीर के संचालक गणेश निषाद ने किया रक्तदान
