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मालखरौदा हॉस्पिटल मैदान में बाबा साहेब डॉ.अम्बेडकर के अस्थि कलश दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

Samip Anant

BySamip Anant

Feb 27, 2024
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बाबा साहब के अस्थि कलश दर्शन ऐतिहासिक क्षण

सक्ति / मालखरौदा :- छत्तीसगढ़ में पहली बार बोधिसत्व डॉ.बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर दर्शन कार्यक्रम मालखरौदा हॉस्पिटल मैदान में दिनांक 25 फरवरी 2023 को त्रिरत्न बौद्ध महासंघ छत्तीसगढ़ के द्वारा धम्म प्रचार प्रसार अभियान के अंतर्गत अस्थि कलश दर्शन के लिए आया जिसमें मालखरौदा ब्लाक इकाई के समस्त मानव समाज एवं बाबा साहब के अनुयायियों ने इस महान पल के साक्षी बने,संविधान निर्माता के अस्थि दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करके क्षेत्र के बहुजन समाज मूलनिवासियों एवं समस्त अंबेडकर प्रेमियों के लिए अभूतपूर्व क्षण रहा

इस परम् क्षण को जिसने साक्षत दर्शन किया उसका जीवन धन्य हो गया और जिसने गवां दिया वह दुर्भाग्यशाली ही होगा। क्योंकि इस ऐतिहासिक पल को सभी अपने जीवन में धरोहर के रूप में स्थापित कर पाएं एवं अपने बाल बच्चों को बाबा साहब के कार्यो को अवगत कराएंगे जिन्होंने मानव समाज दलित शोषित वर्ग को किस तरह अपने हक अधिकार दिलाने के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया,ऐसे महान वैज्ञानिक आदर्श प्रेरणास्रोत विश्व रत्न बोधि सत्व डॉ.बाबा साहब अम्बेडकर जी के अस्थि मालखरौदा के भूमि में पहुँची जिससे यह धरती पुण्य हो गया । इस ऐतिहासिक क्षण के हजारों लोग साक्षी बन गए क्योंकि ऐसा क्षण बार बार नही मिलता जैसे महान चक्रवती सम्राट अशोक ने महाकारुणीक तथागत भगवान बुद्ध की अस्थि को 84 हजार भागों में बांटकर संपूर्ण एशिया में स्तूप बनवाया गया है,जो की नवम्बर के अंत में उन अस्थियों को निकालकर भ्रमण कराया जाता है, ठीक वैसे ही बोधी सत्व डॉ.बाबा साहब अंबेडकर जी की अस्थिया मुंबई के चैत्यभूमि नागपुर कि दीक्षाभूमि एवं पुणे में धम्मचक्र प्रवर्तन महाविहार दापोड़ी में रखी गई है जो की समय समय पर गुजरात,महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में समाज को जागरूक करने के लिए भ्रमण करायी जाती है उसी कड़ी में हमारे मालखरौदा ब्लाक इकाई जिला सक्ति में त्रिरत्न बौद्ध महासंघ के नेतृत्व में बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर जी की अस्थि मालखरौदा हॉस्पिटल मैदान पहुँचे जिसमें हजारों की संख्या में लोग सामिल हुए, जो बहुत ही महा सौभाग्य की बात है,तो उनके अस्थि का दर्शन कर उनके आदर्शों को अपनाते हुए पुण्य के भागी बन सकते हैं यह क्षण बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है जो कभी कभी आता है। जो इस क्षण को चुक गया वह पक्षतावा के सिवाय कुछ हासिल नही कर पाएंगे । त्रिरत्न बौद्ध महासंघ ने सक्ति जिले के मालखरौदा क्षेत्रवासियों को त्रिरत्न बौद्ध महासंघ के मित्रो ने जिलेभर के अम्बेडकर अनुयायियों को इस महान ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने पर धम्म प्रेरणा दी।